टाइटेनिकके मलबा
टाइटेनिकके मलबा न्यूफाउण्डलैण्डके तटसे लगभग ३७० समुद्री मील (६९० किलोमीटर) दूर दक्षिण-दक्षिणपूर्वमे लगभग १२,५०० फीट (३,८०० मीटर) के गहराई पर स्थित हे ।[१] ई दु मुख्य टुकड़ामे स्थित हे । ऊ दुनो टुकड़ामे लगभग २,००० फीट (६०० मीटर) के दूरी हे । समुद्रतलसे टकराएके चलते भेल क्षति बावजूदो जहाजके सामनेके भाग अझो चिन्हल जा सकहे । एकर बिपरीत पीछेके भाग पूरा प्रकारसे बर्बाद हो गेल हे ।
| टाइटेनिकके मलबा | |
|---|---|
टाइटेनिकके सामनेके भाग, २००४ | |
| कारण | हिमखण्डसे टकराएल |
| तिथि | 15 अप्रैल 1912 |
| स्थान | न्यूफाउण्डलैण्डसे 370 समुद्री मील (690 किमी) दक्षिण-दक्षिणपूर्वमे, उत्तरी अटलाण्टिक महासागर |
| निर्देशाङ्क | 41°43′32″N 49°56′49″W / 41.72556°N 49.94694°Wनिर्देशाङ्क: 41°43′32″N 49°56′49″W / 41.72556°N 49.94694°W |
| खोजल गेल | 1 सितम्बर 1985 |
१९१२ मे अपन पहिल जतरा खनि एगो हिमखण्डसे टकराएके चलते टाइटेनिक डूब गेल हल ।[२] मलबाके चारो दने कूड़ाके ढेरमे जहाजके साथे डूबेके चलते सैकड़ो-हजारोसभ चीज बिखरल हे । यात्रीसभ आउ चालक दलके शवो एही कूड़ामे होएल होत किन्तु तखनिसे उनकर समुद्री जीव द्वारा उपभोग कर लेल गेल हे । एकर डूबेके बाद मलबाके खोजेके आशामे ढेर अभियान चलावल गेल हल । समुद्रतलके मानचित्रण करेला सोनारके प्रयोगो करल गेल हल । किन्तु ई सभ असफल प्रयास रहल । १९८५ मे जीन-लुई मिशेल आउ राबर्ट बेलार्डके नेतृत्वमे एगो संयुक्त फ्रान्सिसी-अमेरिकी अभियान द्वारा अन्ततः मलबाके पता लगा लेल गेल ।[३]
ई मलबा गहन रुचिके केन्द्र रहल हे आउ ढेर पर्यटक आउ वैज्ञानिक अभियान एकर दौरा करलक हे । जून २०२३ मे टाइटन नामक पनडुब्बीसे एकरा भिरु गेल पाँच यात्री विनाशकारी विस्फोटके बाद मर गेलन हल ।[४] टाइटेनिकके मलबाके ऊपर उठावेला ढेर योजना प्रस्तावित करल गेल हे । हालाँकि मलबा एत्ता कमजोड़ हे कि एकरा उठावल नै जा सके आउ ई यूनेस्को सम्मेलन द्वारा संरक्षित हे । साथे ई मलबा समुद्रमे तेजीसे गलैत हे । एकरामे प्रतिदिन १८० किलो मलबा समुद्री जीवाणु खाइत हे । ऐसहीँ होवैत रहे पर ई मलबा २०-३० बरिसमे समुद्रमे पूरा घोरा जैतै ।[५]
इहो देखथिन
सम्पादित करथिनसन्दर्भ
सम्पादित करथिन- ↑ "टाइटैनिक का मलबा देखकर वापस आए लोगों ने बताया, कितना डरावना था अनुभव". आज तक (in हिन्दी). 22 जून 2023. Retrieved 24 जून 2023.
{{cite news}}: CS1 maint: unrecognized language (link) - ↑ "समुद्र में 3 KM नीचे है टाइटैनिक का मलबा, लाखों खर्च कर देखने जाते हैं लोग". एबीपी न्यूज़ (in Hindi). Retrieved 24 जून 2023.
- ↑ "पिंग-पोंग बॉल, गुब्बारों और बर्फ का इस्तेमाल... फिर भी 111 साल बाद भी बाहर क्यों नहीं आ सका Titanic?". आज तक (in हिन्दी). 23 जून 2023. Retrieved 24 जून 2023.
{{cite news}}: CS1 maint: unrecognized language (link) - ↑ "टाइटन पनडुब्बी में सवार सभी 5 लोगों की मौत, देखने गए थे टाइटैनिक का मलबा". आज तक (in हिन्दी). 23 जून 2023. Retrieved 24 जून 2023.
{{cite news}}: CS1 maint: unrecognized language (link) - ↑ "27 साल पहले ढूंढ लिया गया था टाइटैनिक का मलबा,जानिए आज तक इसे बाहर क्यों नहीं निकला गया". एबिपि न्यूज (in हिन्दी). 23 जून 2023. Retrieved 24 जून 2023.
{{cite news}}: CS1 maint: unrecognized language (link)