रक्षा मन्त्रालय (भारत)
रक्षा मन्त्रालय के प्रमुख कार्य हे रक्षा आउ सुरक्षा सम्बन्धी मामला पर नीति निर्देश बनावल आउ ओकर कार्यान्वयनला ओकरा सुरक्षा बलके मुख्यालय, अन्तर सेना सङ्गठन, रक्षा उत्पाद प्रतिष्ठान आउ अनुसन्धान एवं विकास सङ्गठन तक पहुँचावल । सरकारके नीति निर्देशके प्रभावी विधिसे आउ आवण्टित संसाधनके ध्यानमे रखके ओकरा0 कार्यान्वित करलो ओकर काम हे । रक्षा मन्त्रालय चार विभागके मिलल जुलल रूप हे । एकरामे रक्षा विभाग (डिओडि), रक्षा उत्पाद विभाग (डिडिपि), रक्षा अनुसन्धान एवं विकास विभाग (डिडिआर एण्ड डि) आउ पूर्व सैनिकके कल्याण आउ वित्त प्रभागके विभाग सम्मिलित हे ।
| रक्षा मन्त्रालय (भारत) | |
भारत सरकारके शाखा | |
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| संस्था अवलोकन | |
|---|---|
| स्थापना |
15 अगस्त 1947 |
| पूर्ववर्ती संस्था |
रक्षा विभाग (१९३८–४७) |
| अधिकार क्षेत्र |
भारत सरकार |
| मुख्यालय |
सचिवालय भवन |
| कर्मचारी |
14,00,000[१][२] (सक्रिय कर्मी) (२०२३) 7,00,000[३] (आरक्षित कर्मी) (२०२३) |
| वार्षिक बजट |
(२०२५)[५] |
| उत्तरदायी मन्त्री |
राजनाथ सिंह, रक्षामन्त्री |
| अधीनस्थ संस्था |
रक्षा विभाग |
| जालस्थल | |
| mod.gov.in | |
इतिहास
सम्पादित करथिनबरिस १७७६ मे कलकतामे अङ्ग्रेजी इस्ट इण्डिया कम्पनीके सर्वोच्च सरकारमे एक सैन्य विभाग बनावल गेल हल जेकर मुख्य कार्य इस्ट इण्डिया कम्पनी सरकारके विभिन्न विभाग द्वारा जारी सेनासे सम्बन्धित आदेशके छाँटल आउ रिकार्ड करल हल । सैन्य विभाग शुरूआतमे सार्वजनिक विभागके एगो शाखाके रूपमे कार्य करहल आउ सेना कर्मीके एक सूची रखहल ।
चार्टर अधिनियम १८३३ के साथे इस्ट इण्डिया कम्पनीके सरकारके सचिवालयके चार विभागमे पुनर्गठित करल गेल । प्रत्येकके नेतृत्व सरकारके एक सचिव कैलक । अप्रैल १८९५ तक बङ्गाल, बाम्बे आउ मद्रास प्रेसिडेन्सीके सेना सम्बन्धित प्रेसिडेन्सी सेनाके रूपमे कार्य करहल जखनि प्रेसिडेन्सी सेना सभ एक एकल भारतीय सेनामे एकीकृत हो गेल । प्रशासनिक सुविधाला एकरा चार कमाण्डमे विभाजित करल गेल हल - पञ्जाब (उत्तरपश्चिम सीमा सहित), बङ्गाल (बर्मा सहित), मद्रास आउ बाम्बे (सिन्ध, क्वेटा आउ अदन सहित) ।
भारतीय सेना पर सर्वोच्च अधिकार गवर्नर जनरल-इन-काउन्सिलमे निहित हल जे क्राउनके नियन्त्रणके अधीन हल जेकर प्रयोग भारतके राज्य सचिव द्वारा करल जा हल । परिषदमे दु सदस्य सैन्य मामलाला जिम्मेदार हल । एगो सैन्य सदस्य हल जे सभ प्रशासनिक आउ वित्तीय मामलाके निगरानी करहल । दोसर कमाण्डर-इन-चीफ हल जे सभ परिचालन मामलाला जिम्मेदार हल । मार्च १९०६ मे सैन्य विभागके समाप्त कर देल गेल आउ ओकर स्थान पर दु अलगे-अलगे विभाग बनावल गेल - सेना विभाग आउ सैन्य आपूर्ति विभाग । अप्रैल १९०९ मे सैन्य आपूर्ति विभागके समाप्त कर देल गेल आउ एकर कार्यके सेना विभाग अपन हाथमे ले लेलक । जनवरी १९३८ मे सेना विभागके रक्षा विभागके रूपमे पुनः नामित करल गेल । रक्षा विभाग अगस्त १९४७ मे एगो मन्त्रीमण्डल मन्त्रीके अधीन रक्षा मन्त्रालय बन गेल ।
रक्षामन्त्री
सम्पादित करथिनइहो देखथिन
सम्पादित करथिनबाहरी कड़ी
सम्पादित करथिनसन्दर्भ
सम्पादित करथिन- ↑ "Press Information Bureau". Archived from the original on 15 सितम्बर 2016. Retrieved 15 सितम्बर 2016.
- ↑ "20% Sailor Shortage in Navy, 15% Officer Posts Vacant In Army, Nirmala Sitharaman Tells Parliament". 27 दिसम्बर 2023.
- ↑ IISS 2023, pp. 243–248
- ↑ "Report of the 7th Central Pay Commission of India" (PDF). सतमा केन्द्रीय वेतन आयोग, भारत सरकार. Archived from the original (PDF) on 20 नवम्बर 2015. Retrieved 13 अगस्त 2017.
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