घूर्णन

केहु वस्तुके घूर्णन केन्द्र अथवा अक्षके चारो दन्ने वृत्ताकार गति

घूर्णन वा घूर्ण गति एक केन्द्रीय रेखा (घूर्णन अक्ष) के परितः केहु वस्तुके वृत्तीय गति हे । एक समतल आकृति एक लम्बवत् अक्षके परितः दक्षिणावर्त या वामावर्त दिशामे घूम सकहे, जे घूर्णनके केन्द्र पर आकृतिके भीतरे या बाहिरे कहौँ प्रतिच्छेद करहे । एक ठोस आकृतिमे एक स्थिराक्षके परितः घूर्णनके विपरीत, अस्थिर घूर्णन (मनमानी अभिविन्यासके मध्य) सहित सम्भावित अक्ष आउ घूर्णनके कोणके अनन्त सङ्ख्या होवहे ।

अपन अक्ष पर पृथ्वीके घूर्णन
तीन छल्लाके घूर्णन

पिण्डके संहति-केन्द्रसे गुजरेवाला अन्तरक्षके साथे घूर्णनके विशेष मामलाके चक्रण (या स्वघूर्णन) के रूपमे जानल जा हे । ऊ स्थितिमे अन्तश्चक्रण अक्षके सतह प्रतिच्छेदनके ध्रुव कहल जा सकहे; उदाहरणार्थ, पृथ्वीके घूर्णन भौगोलिक ध्रुवके परिभाषित करहे । कौनो पूर्ण बाह्य अक्षके परितः घूर्णनके परिक्रमण आउ गतिपथके कक्षा कहल जा हे, उदाहरणार्थ सूर्यके परितः पृथ्वीके परिक्रमण । परिक्रमणके बाह्याक्षके सिराके कक्षीय ध्रुव कहल जा हे ।[]

कौनो प्रकारके घूर्णन सम्बन्धित प्रकारके कोणीय वेग (चक्रण कोणीय वेग आउ कक्षीय कोणीय वेग) आउ कोणीय संवेग (चक्रण कोणीय गति आउ कक्षीय कोणीय गति) मे सम्मिलित होवहे ।

स्थानान्तरण आउ घूर्णनके तुलना

सम्पादित करथिन

निम्नलिखित तालिकामे स्थानान्तरण (ट्रान्सलेशन) एवं घूर्णन गतिसे सम्बन्धित राशि एवं समीकरणके तुलना कैल गेल हे । दुनोके समीकरणमे समानता देखल जा सकहे ।

स्थानान्तरण गति घूर्णन गति
स्थिति सदिश: कोणीय विस्थापन या मेट्रिक्स:
वेग: कोणीय वेग:
त्वरण: कोणीय त्वरण:
द्रव्यमान: (अदिश) जड़त्वाघूर्ण टेन्सर: (विशेष स्थितिमे अदिश जड़त्वाघूर्ण )
बल: बलाघूर्ण:
संवेग: कोणीय संवेग:
संवेग परिवर्तन (आवेग): कोणीय संवेग परिवर्तन :
गतिज ऊर्जा: घूर्णनके गतिज ऊर्जा:
कार्य: घूर्णन गतिमे कार्य:
शक्ति: घूर्णन गतिमे शक्ति:
गति के समीकरण
संवेग परिवर्तनके दर लगावल गेल बलके बराबर होवहे ।:

कोणीय संवेग परिवर्तनके दर लगावल गेल बलाघूर्णके बराबर होवहे ।:

यदि द्रव्यमान नियत होवे त (न्यूटनके गतिके दोसरा नियम):

यदि जड़त्वाघूर्ण नियत होवे त :

  1. Wormeli, Rick (2009). Metaphors & Analogies: Power Tools for Teaching Any Subject (in English). Stenhouse Publishers. ISBN 978-1-57110-758-9.