कलनके मूलभूत प्रमेय

विभेदन आउ समाकलनके द्वैतके वर्णन करेवाला कलन प्रमेय

कलनके मौलिक प्रमेय एक प्रमेय हे जे एक फलनके अवकलनके अवधारणाके ओकर समाकलनके अवधारणाके साथे जोड़हे । दु प्रक्रिया एक स्थिर मानके अतिरिक्त एक दोसराके व्युत्क्रम हे जे ई बात पर निर्भर करहे कि कोई क्षेत्रके गणना कन्नेसे शुरू करहे ।

औपचारिक प्रमेय

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प्रमेयके दु भाग हे । प्रथम भाग एक प्रत्यवकलजके अवकलजसे सम्बन्धित हे, जखनिकि द्वितीय भाग प्रत्यवकलज आउ निश्चित समाकलजके बीचके सम्बन्धसे सम्बन्धित हे ।

प्रथम प्रमेय

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मान ली कि बन्द अन्तराल पर f एक सन्तत वास्तविक-मान फलन हे एवं निम्नोल्लेखित क्षेत्रफल फलन द्वारा परिभाषित हे -

तखनि सभ हेतु

द्वितीय प्रमेय

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मान ली कि बन्द अन्तराल पर ƒ एक सन्तत फलन हे आउ ƒ के प्रत्यवकलज F हे । तखनि

बाहरी कड़ी

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